2 महिला वैज्ञानिकों इमैनुएल कारपेंतिए और जेनिफर डौडना को जेनेटिक सीजर की खोज के लिए रसायन का नोबेल मिलेगा, DNA में बदलाव कर गंभीर रोगों का इलाज होगा
स्वीडन की नोबेल कमेटी ने दो महिला वैज्ञानिकों इमैनुएल कारपेंतिए ( फ्रांसीसी मूल की प्रोफेसर) और जेनिफर डौडना (अमेरिका) को रसायन का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया है। दोनों वैज्ञानिकों ने जेनेटिक सीजर की अहम खोज की है। इसके जरिए जानवरों, पौधों, माइक्रोऑर्गेनिज्म के डीएनए में बदलाव कर गंभीर रोगों का इलाज संभव हो सकेगा। 5 अक्टूबर को मेडिसिन और 6 अक्टूबर फिजिक्स के नोबेल अवॉर्ड का ऐलान हो चुका है।
नोबेल के इतिहास में मैरी क्यूरी अकेली वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने 2 बार अलग-अलग विषयों के लिए अवॉर्ड हासिल किया था। 1903 में मैरी को उनके पति पियरे क्यूरी और हेनरी बैक्वेरल के साथ रेडियो एक्टिविटी (भौतिकी) के लिए अवॉर्ड मिला। 1911 में रेडियम की खोज के लिए रसायन विषय में पुरस्कार मिला।
केमिस्ट्री के नोबेल के बारे में अहम जानकारियां
- 1901 से 2019 के बीच केमिस्ट्री में 111 नोबेल पुरस्कार दिए गए।
- 63 बार पुरस्कार केवल एक वैज्ञानिक को दिया गया।
- अब तक 5 महिलाओं को केमिस्ट्री में अवॉर्ड मिल चुका है।
- फ्रेडरिक सेंगर इकलौते वैज्ञानिक हैं, जिन्हें दो बार (1958 और 1980) में केमिस्ट्री का पुरस्कार दिया गया।
- फ्रेडरिक जूलियट नोबेल पाने वाले सबसे युवा वैज्ञानिक थे। 1935 में अवॉर्ड दिए जाने के दौरान उनकी उम्र 35 साल थी। फ्रेडरिक को उनकी पत्नी और मैरी क्यूरी के बेटी आइरिन के साथ संयुक्त रूप से पुरस्कार दिया गया था। उस वक्त आइरिन की उम्र 38 साल थी।
- सबसे ज्यादा उम्र में रसायन का नोबेल पाने वाले वैज्ञानिक जॉन बी गुडइनफ थे। पुरस्कार मिलने के दौरान उनकी उम्र 97 साल थी।
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